तमिलनाडु में गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को हाई-वोल्टेज चुनावी मुकाबला देखने को मिला. सभी 234 विधानसभा सीटों पर वोटिंग खत्म हो गई. इस दौरान 84 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ. यह हाल के सालों में राज्य के सबसे ज्यादा देखे गए चुनावों में से एक में लोगों की मजबूत भागीदारी को दिखाता है. बढ़ते तापमान के बावजूद शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई.
इस मुकाबले में एक नया आयाम विजय की टीवीके ने जोड़ा है, जिसने सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ा है. इसका लक्ष्य अपनी बढ़ती लोकप्रियता, विशेष रूप से युवाओं के बीच, को चुनावी फायदे में बदलना है. इसके साथ ही, सेंथमिझन सीमान की एनटीके ने भी एक बार फिर सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं. यह पार्टी तमिल राष्ट्रवाद, पर्यावरण के मुद्दों और एक ऐसे वैकल्पिक राजनीतिक विमर्श पर जोर दे रही है जो युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को आकर्षित करता है.
टीवीके ने राज्य चुनाव अधिकारी ने की शिकायत
टीवीके के चुनाव प्रचार प्रबंधन के महासचिव आधव अर्जुन ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को दो अलग-अलग शिकायतें सौंपी हैं. इन शिकायतों में उन्होंने मतदान प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं और कथित अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पहली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूरे तमिलनाडु में बस टर्मिनलों पर उन मतदाताओं को पर्याप्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो अपने मूल स्थानों पर जाकर मतदान करना चाहते थे.
शिकायत में कहा गया है कि इस व्यवस्था की कमी के कारण कई लोगों को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हुई. इसमें कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिन पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया गया है. टीवीके ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
दूसरी शिकायत में पुलिस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ पुलिस अधिकारी शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं और इन पर सत्तारूढ़ दल से जुड़ाव के आरोप भी लगाए गए हैं. शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऐसे कदमों से मतदाताओं में असहजता पैदा हो सकती है और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं.
इसके अलावा, टीवीके ने यह भी मांग की है कि मतदान केंद्रों पर किसी भी तकनीकी खराबी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में आने वाली समस्याओं को तुरंत ठीक किया जाए या आवश्यकता पड़ने पर बिना देरी के बदला जाए. पार्टी का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या बाधा लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है.
आधव अर्जुन ने निर्वाचन आयोग से अपील की है कि वह इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए, ताकि मतदाताओं को बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का उपयोग करने का पूरा अवसर मिल सके. टीवीके ने यह भी कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है.
रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ा सियासी पारा
इस चुनाव ने पारंपरिक द्रविड़ दो-दलीय वर्चस्व से एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित किया, जो डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA), एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए, अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (TVJ) और सीमान की नाम तमिलर काची (एनटीके) को शामिल करते हुए एक बहु-कोणीय मुकाबले में बदल गया. सुबह मतदान तेजी से शुरू हुआ. दोपहर 3 बजे तक, मतदान प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो मतदाताओं की जबरदस्त प्रतिक्रिया को दर्शाता है. यह हाल के चुनावों में सबसे अधिक मतदान दरों में से एक साबित हुआ.
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सत्ताधारी डीएमके, अपनी कल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के दावों के भरोसे लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है. के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके, आंतरिक गुटबाजी की चुनौतियों के बावजूद सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है. ऐसे में यह चुनाव उसकी राजनीतिक प्रासंगिकता की एक अहम परीक्षा बन गया है.
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Input By : आईएएनएस
