‘तुम गोबर खाते हो, हम बीफ खाते हैं’, ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म पर केरल के मंत्री का विवादित बयान


एक बार फिर ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म चर्चा में है. इस बार अपने सीक्वल को लेकर यह फिल्म काफी सुर्खियां बटोर रही है. इसमें एक हिंदू लड़की को बीफ खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इसपर केरल के एक मंत्री ने विवादित बयान दिया है. इसमें कहा गया है कि जब तुम गाय का गोबर खाते हो तो हम केरल वाले बीफ, मटन और चिकन खाएंगे. 

फिल्म समाज में फूट-नफरत फैलाने के लिए बनाई

फिल्म को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आलोचना की थी. इसमें फिल्म के ट्रेलर रिलीज होने के बाद हुई आलोचना में अपनी आवाज को जोड़ दिया था. सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा था कि फिल्म समाज में फूट और नफरत फैलाने के मकसद से बनाई गई है. जहरीली चीजों को ऐसे समय कैसे दिखाया जा सकता है. इससे पहले एक फिल्म को उसके बीफ टाइटल के चलते फिल्म फेस्टिवल में दिखाने की इजाजत नहीं दी गई थी. 

विजयन ने कहा कि हमें मिलकर केरल के धार्मिक सद्भाव को बनाए रखना होगा. सस्टेनेबल डेवलपमेंट में हम आगे हैं. कानून व्यवस्था का एक बेहतरीन मॉडल है. आतंकवाद का केंद्र दिखाने की कोशिशों को नकारना चाहिए. 

इसके अलावा उन्होंने केरल के लोगों से अपील की, कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है. झूठे प्रोपेगैंडा से केरल की सेक्युलर नींव को कमजोर न किया जाए. सेक्युलरिज्म और भाईचारे की वैल्यूज को बनाए रखते हुए इसे खारिज किया जाए.

सोशल मीडिया पर हो रही फिल्म को लेकर आलोचना 

इधर, फिल्म के सीन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना देखने को मिल रही है. इसमें कहा गया है कि वे असलियत से पूरी तरह दूर हैं. कई औरतों ने बीफ और पराठा खाते हुए अपने वीडियो पोस्ट किए हैं. कहा है कि फिल्म का मतलब देश के किसी और हिस्से की औरत से है. 

इस मामले पर एक्टर प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में पोर्क, बीफ और मछली की डिशेज की तस्वीरें शेयर की. इसपर लिखा असली केरल स्टोरी यह है कि कैसे पोर्क, बीफ और मछली वेजिटेरियन के साथ रहते हैं. वे सभी मिल जुलकर रहते हैं. प्लीज जस्ट #Justasking  का मजा लें. सभी को हैप्पी संडे. 

इसपर फिल्म मेकर अनुराग कश्यप ने प्रोपेगैंडा करार दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे कौन बीफ खिलाता है? ऐसे कोई खिचड़ी भी नहीं खिलाता. इसके अलावा वामपंथी संगठनों ने DYFI और SFI ने बीफ फेस्टिवल आयोजित किए हैं. इसमें बीफ और पराठा परोसा जाता है. 

वामपंथी नेता बोले- फिल्म को सेप्टिक टैंक में डाल देना चाहिए

इस पूरे मामले पर सीपीएम एमपी जॉन ब्रिटास  ने आरोप लगाया कि फिल्म चुनावों से पहले वोटरों को बांटने और केरल को बदनाम करने की एक राजनीतिक कोशिश का हिस्सा है. यह एक प्रोपेगैंडा फिल्म है. इसे थिएटर में देखने की बजाय सेप्टिक टैंक में डाल देना चाहिए. 

कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरा

वहीं, कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि फिल्म का मकसद केरल के लोगों को बीफ खाने के लिए मजबूर करने के बारे में झूठी कहानियां गढ़कर केरल का अपमान करना और सांप्रदायिक रूप से बांटना है. बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ऐसे कैंपेन को बढ़ावा दे रही है. 

बीजेपी ने किया पलटवार

इधर, बीजेपी ने विपक्षी नेताओं के आरोपों पर पलटवार किया है. राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री विजयन पर दोहरे मापदंड अपनाने और बोलने की आजादी का चुनिंदा मतलब निकालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर कोई लव जिहाद के बारे में फिल्म बनाता है, तो यह बोलने की आजादी और आर्टिकल 19 कहां है? मुझे नहीं पता कि इस मुख्यमंत्री के बारे में क्या कहूं?



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