पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरा होने के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर जगह उगला है. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. इसके बाद भी शहबाज सरकार में सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार फिर से पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं. जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक अताउल्लाह तरार ने कहा कि भारत हमें विश्वसनीय सबूत दे कि पाकिस्तान इस आतंकी हमले में शामिल था.
सालों से आतंकी को पाल रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान ने दशकों से खुद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक साझेदार के रूप में पेश किया है, लेकिन उसका असली चेहरा कुछ और है. वह ऐसे आतंकी नेटवर्क को समर्थन देता रहा है जो क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़े हैं. पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या कोई अकेली घटना नहीं है. यह एक बड़े आतंकी तंत्र का हिस्सा थी, जिसे बॉर्डर के पार से समर्थन, सुरक्षा और बढ़ावा मिलता है.
पाकिस्तानी मंत्री और आसिम मुनीर के खास अताउल्लाह तरार ने कहा, ‘पहलगाम की घटना झूठे अभिमान, अहंकार और लालच से प्रेरित मानसिकता को दर्शाती है. आतंकवाद भारत का आंतरिक मुद्दा है, जिसे वह बाहरी तौर पर पेश करता है. पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. पाकिस्तान अपनी संप्रभुता, गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा.’
भारतीय सेना ने पाकिस्तान को किया तबाह
भारतीय सेना ने एक साल के भीतर न केवल यह कायरतापूर्ण हमला करने वाले आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी कैंपों को भी ध्वस्त कर दिया. इन दोनों जगहों में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया था. इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के कई ठिकाने पूरी तरह नष्ट कर दिए गए और बड़ी संख्या में वहां मौजूद आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया.
आतंकवादियों के खिलाफ प्रारंभ किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उद्देश्य पाकिस्तान से प्रायोजित हो रहे आतंकवाद को रोकना था.बीते वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ वह आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था. पर्यटकों की पहचान पूछ कर उनकी निर्मम हत्या की गई. इस आतंकी वारदात ने न केवल मानवता को शर्मसार किया, बल्कि समूचे देश में आक्रोश भी पैदा किया.
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