उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेशिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार (10 अप्रैल) को फाइनल लिस्ट जारी की गई है. इस लिस्ट के बाद आंकड़ों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है. जिससे बीजेपी की टेंशन बढ़ सकती है. फाइनल वोटर लिस्ट में शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं की संख्य घट गई है.
बीजेपी के प्रभाव वाले जिलों में मतदाताओं की संख्या ज्यादा घटी हुई दिख रही है. साथ ही मुस्लिम बहुल जिलों में स्थिति बेहतर नजर आ रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने एसआईआर प्रक्रिया को गैरकानूनी करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जनते के मतदान अधिकार का सीधा हनन है.
इन जिलों में सर्वाधिक मतदाता
यूपी के लखनऊ, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर नगर में अक्तूबर 2025 के मुकाबले घटने वाले वोटरों का प्रतिशत सबसे ज्यादा है. इन सभी जिलों में 18.75 से 22.89 फीसदी तक वोट घटे हैं. 2022 के विधानसभा चुनावों में इन जिलों में सबसे ज्यादा सीटें बीजेपी ने जीती थीं.
लोकसभा चुनावों में भी यह सीटें बीजेपी के प्रभाव वाली मानी जाती रही हैं. प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों में साहिबाबाद, आगरा कैंट, इलाहाबाद नॉर्थ, लखनऊ उत्तर और नोएडा में सबसे ज्यादा वोटर्स कम हुए हैं. इन सीटों पर बीजेपी के विधायक जीते हुए हैं.
मुस्लिम बहुल इलाकों में कितने फीसदी कम हुई वोटरों की संख्या
यूपी के मुस्लिम बहुल इलाकों में भी वोटरों की संख्या घटी है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर में 12.33 फीसद, मुरादाबाद में 10.09 फीसद, संभल में 14.47 फीसद, मुजफ्फरनगर में 10.38 फीसद, बिजनौर में 9.63 फीसद और सहारनपुर में 10.48 फीसद वोटर्स की संख्या घट गई है.
जिन सीटों पर कटे वोट, कितनी सीटों पर काबिज है बीजेपी
उत्तर प्रदेश की 16 सीटें ऐसी हैं जहां पर 1 लाख से ज्यादा वोट कम हुए हैं उनमें 15 सीटों पर बीजेपी काबिज है. वहीं 21 सीटों पर 80 से 99 हजार वोट कम हुए हैं, जिसमें से 19 सीटें बीजेपी की हैं. इसके अलावा 82 सीटों पर 50 से 80 हजार वोट कटे हैं. इसमें से 55 सीटों पर बीजेपी गठबंधन के पास हैं.
वहीं 159 विधानसभाओं में 30 से 50 हजार वोट कम हुए हैं जिसमें 95 सीटें बीजेपी के पास हैं. बीजेपी गठबंधन की ज्यादातर सीटों पर 18 से 34 फीसदी गिरावट हुई है, जबकि सपा की ज्यादातर सीटें 8 से 15 प्रतिशत गिरावट वाली हैं। राज्य की 15 विधानसभा सीटों में 25 प्रतिशत से ज्यादा वोट कटे हैं, वह सभी शहरी क्षेत्र की हैं.
लखनऊ-गोरखपुर में कितने प्रतिशत कम हुए वोटर?
लखनऊ की मोहनलालगंज विधानसभा में 11.21 फीसदी, जबकि गोरखपुर देहात में 10.92 फीसदी, गोरखपुर शहर सीट पर 6.88 फीसदी वोटर्स घटे हैं. लखनऊ उत्तर में 1 लाख 54 हजार 710 मतदाता कम हुए हैं.
वहीं आगरा कैंट में 1 लाख 47 हजार 182, इलाहाबाद नॉर्थ में 1 लाख 45 हजार 810, साहिबाबाद में सर्वाधिक 3 लाख 16 हजार 484 और नोएडा में 1 लाख 83 हजार 887 मतदाताओं के वोट कटे हैं. लखनऊ कैंट में 34.18, इलाहाबाद नॉर्थ में 34.01, लखनऊ नॉर्थ में 31, आगरा कैंट में 30.47, और लखनऊ ईस्ट में 31.01 फीसदी वोट कटे हैं.
2014 के लोकसभा चुनाव से भी कम हुई संख्या
एसआईआर की फाइनल लिस्ट में वोटरों की संख्या 2014 के लोकसभा चुनावों से भी कम हो गई है. प्रदेश में पहले साल 2003 में एसआईआर प्रक्रिया हुई थी. साल 2002 के विधानसभा चुनावों के दौरान 9.98 करोड़ वोटर थे. इसके बाद वोटर लिस्ट का एसआईआर हुआ. एसआईआर के बाद साल 2014 के लोकसभा चुनाव में वोटरों की संख्या बढ़कर 11.06 करोड़ हो गई थी. लेकिन इस बार ये आंकड़ा पलट गया है.
यूपी में अब 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 वोटरों की संख्या हो गई है. यह संख्या एसआईआर प्रक्रिया के पहले 15.44 करोड़ थी. अगर देखा जाए तो हर विधानसभा में 71 हजार 647 वोट कटे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में वोटरों की संख्या 13.89 करोड़ थी. उसके मुकाबले अब करीब 49 लाख वोट कम हुए हैं.
किस राज्य में कटे कितने प्रतिशत वोट?
गुजरात में हुई एसआईआर प्रक्रिया में 13.40 प्रतिशत कटे थे. इसके बाद यूपी में सर्वाधिक 13.24 प्रतिशत वोट कटे हैं. वहीं दूसरे राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 11.77, पश्चिम बंगाल में 11.61, तमिलनाडू में 11.55, गोवा में 10.76, पुड्डूचेरी में 7.57, मध्य प्रदेश में 5.97, बिहार में 5.95, राजस्थान में 5.74 और सबसे कम केरल में 3.22 प्रतिशत कटे हैं.
शिवपाल यादव की विधानसभा में कटे इतने वोट
सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सीट जसवंतनगर में एसआईआर के बाद 47 हजार 194 वोट कटे हैं. यह सीट सपा की सबसे मजबूत गढ़ वाली सीट मानी जाती है. शिवपाल को 2022 के विधानसभा चुनावों में 90 हजार 979 वोटों से जीत मिली थी. इस विधानसभा से 47 हजार से ज्यादा वोटों के काटे जाने पर चर्चा तेज हो गई है.
वहीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी शाहाबाद क्षेत्र से जीत हुई हैं. उन्होंने सपा को 6 हजार 479 वोटों के कम अंतर से मात दी थी. अब इस सीट पर 39 हजार वोट कम हुए, जिससे बीजेपी को सीधा नुकसान होने की संभावना है.
इसके अलावा हरदोई की सदर विधानसभा सीट से आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने 2022 के चुनावों में 1 लाख 26 हजार 750 वोट हासिल किए थे. उन्होंने सपा प्रत्याशी को 42 हजार 411 वोटों के अंतर से हराया था. सपा ने यहां 84 हजार 339 वोट हासिल किए थे. अब इस सीट पर 85 हजार 757 वोट कटे हैं.
