उत्तराखंड के देहरादून जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में ‘हिट एंड रन’ मामले में दो साल पहले बेटे को खो चुकी एक मां ने करीब डेढ़ साल के अथक प्रयास के बाद दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन का पता लगा लिया है, जिसे खोजने में पुलिस नाकाम रही थी.
सहस्त्रधारा रोड निवासी ललिता चौधरी ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल को साक्ष्यों सहित प्रार्थनापत्र सौंपा है, जिस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने मामले की पुनः जांच के आदेश दिए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ललिता का 18 वर्षीय बेटा क्षितिज चौधरी 16 फरवरी 2024 को प्रेमनगर क्षेत्र में पैदल जा रहा था कि तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया. क्षितिज को अस्पताल पहुंचाया गया जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई. ललिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला तो दर्ज किया लेकिन ठीक तरह से उसकी जांच नहीं की और कुछ महीनों बाद अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाकर उसे बंद कर दिया.
मां ने नहीं मानी हार
हालांकि, बेटे को न्याय दिलाने का संकल्प कर चुकी ललिता ने हार नहीं मानी और खुद आरोपी को ढूंढने के प्रयास शुरू किए. उन्होंने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई और महीनों तक उन्हें खंगालते हुए क्षितिज को टक्कर मारने वाले वाहन तक पहुंच गईं. पता चला कि वह वाहन डंपर था जिसके बाद ललिता ने आरटीओ कार्यालय जाकर उस डंपर के बारे में सभी जानकारी हासिल की.
एसएसपी ने दिलाया न्याय का भरोसा
ललिता चार अप्रैल को सबूतों के साथ एसएसपी डोबाल से मिलीं और मामले की दोबारा जांच का अनुरोध किया. एसएसपी ने इसके आदेश जारी करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कोर्ट से मांगी जाएगी इजाजत- पुलिस
वहीं प्रेमनगर के पुलिस थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि दोबारा जांच करने के लिए जल्द ही न्यायालय से अनुमति मांगी जाएगी. उन्होंने कहा कि मामले में सामने आए नए सबूतों का परीक्षण कर जांच शुरू करने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी जाएगी जिसके बाद दोबारा विवेचना की जाएगी.
