‘सांप पर भरोसा कर सकते हैं पर बीजेपी पर नहीं’, असम चुनाव का जिक्र कर ममता बनर्जी ने क्यों किया ऐसा दावा?


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी असम निवासियों के वोट के दम पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं थी इसलिए वह वहां के चुनाव के लिए बाहर से लोगों को लेकर आई. उन्होंन यह भी कहा कि सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं.

शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के रहते देश में कोई भी एजेंसी तटस्थ नहीं है क्योंकि बीजेपी ने सबको खरीद लिया है. उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को लेकर एक पूरी ट्रेन असम भेजी गई.’ गुरुवार को असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी.

ममता बनर्जी ने असम चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में भी बाहर से लोगों को लाने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है और इसी कारण अधिकारियों का तबादला किया गया. निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया था. 

उन्होंने कहा, ‘लोगों, पैसे और मादक पदार्थों को लाया जा रहा है लेकिन हमारे कार्यकर्ता मुकाबला करेंगे और जीतेंगे.’ ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं.

तृणमूल प्रमुख ने कहा कि एक अखबार की खबर के अनुसार, हटाए गए 90 लाख नाम में से 60 लाख हिंदुओं के और 30 लाख मुसलमानों के हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 19 लाख नामों में से 13 लाख हिंदुओं और छह लाख नाम मुसलमानों के थे.

ममता बनर्जी ने मतदाताओं से उन्हें राज्य की सभी 294 सीट से तृणमूल का उम्मीदवार मानने का आग्रह करते हुए कहा, ‘अगर आप मेरे नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार चाहते हैं, तो सभी सीट पर मैं उम्मीदवार हूं.’ तृणमूल प्रमुख ने दावा किया कि मतदाता सूची से अनुसूचित जाति के कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं चिंतित नहीं हूं. मुझे लोगों पर भरोसा है. मतदाता सूची में बचे हुए सभी वोट हमें मिलेंगे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो वह पश्चिम बंगाल के लोगों के मांसाहार संबंधी विकल्पों पर पाबंदी लगा देगी.

उन्होंने कहा, ‘यहां लोग अपनी पसंद के अनुसार खाते हैं लेकिन भाजपा शासित राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है.’ उन्होंने दावा किया कि बिहार में मछली खाने की अनुमति नहीं है और इसी कारण उसे दूसरे राज्यों में भेजा जाता है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी कामगार अत्याचार झेलते हैं.

उन्होंने कहा, ‘आप (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) दूसरे राज्यों में पश्चिम बंगाल के लोगों की रक्षा नहीं कर सकते लेकिन रैलियों में सोनार बांग्ला का वादा करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘बीजेपी शासित राज्यों में पश्चिम बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही आपको सोनार बांग्ला का सपना देखना चाहिए.’

 

यह भी पढ़ें:-
गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची से दरिंदगी: पुलिस और अस्पतालों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड किए तलब



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *