धुरंधर 2 के तूफान के आगे भी मलयालम फिल्म ‘वाज़ा 2’ बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार परफॉर्म कर रही है. ‘वाज़ा 2’ ने पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ की वजह से बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली है और इसी के साथ ये हर दिन शानदार कमाई कर रही है. ये फिल्म पहले ही साल की सबसे बड़ी मलयालम हिट फिल्मों में से एक बन गई है. इसमें हाशिर एच, अजीन जॉय, विनायक वी, और एलन बिन सिराज लीड रोल में हैं, यह कॉमेडी-ड्रामा ‘वाज़ा’ (2024) का स्पिरिचुअल सीक्वल है.चलिए यहां इस फिल्म का छठे दिन का कलेक्शन जानते हैं.
‘वाज़ा 2′ का छठे दिन का कलेक्शन कितना रहा?
‘वाज़ा 2: बायोपिक ऑफ़ ए बिलियन ब्रोस’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार स्टेबिलिटी दिखा रही है. मलयालम कॉमेडी ड्रामा ने अपने छठे दिन सोमवार के कलेक्शन के बराबर 7.10 करोड़ रुपये कमाए. फिल्म ने अब सिर्फ़ छह दिनों में भारत में 40.20 करोड रुपये और दुनिया भर में 91.46 रुपये का कलेक्शन कर डाला है. लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे खासकर केरल में ज़बरदस्त सपोर्ट मिल रहा है.
- सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक छठे दिन, मंगसवार को ‘वाज़ा 2: बायोपिक ऑफ़ ए बिलियन ब्रोस’ ने 1931 शो में 7.10 करोड़ का नेट कलेक्शन किया.
- इससे अब तक भारत में इसका टोटल ग्रॉस कलेक्शन 46.56 करोड़ और भारत का टोटल नेट कलेक्शन 40.20 करोड़ रुपये हो गया है.
- ओवरसीज़ में, फ़िल्म ने छठे दिन 4.00 करोड़ का कलेक्शन किया, जिससे अब तक इसकी टोटल ओवरसीज़ ग्रॉस कमाई 44.90 करोड़ हो गई है. इससे दुनिया भर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 91.46 करोड़ हो गया है.
2026 की सबसे ज़्यादा मुनाफ़े वाली मलयालम फ़िल्म बनी!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘वाज़ा 2’ 10 करोड़ के बजट में बनी है. इस लागत के मुकाबले, इसने पहले ही 40.20 करोड़ नेट कमा लिए हैं, इस तरह इसे 30.2 करोड़ का रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) मिला है. आगे कैलकुलेट करने पर, यह 302% रिटर्न के बराबर है. इस हिसाब से ये इंडियन बॉक्स ऑफ़िस पर सुपरहिट हो गई है. 302% रिटर्न के साथ, ‘वाज़ा 2’ ने प्रकम्बनम को पछाड़ दिया है जिसने लाइफ़टाइम में 283.75% रिटर्न दिया था।
‘वाज़ा 2′ की क्या है कहानी?
ये फिल्म चार दोस्तों हाशिर, एलन, अजिन और विनायक के बारे में है, जिन्हें अक्सर लूज़र और ट्रबलमेकर कहा जाता है. वे भारी सोशल प्रेशर का सामना करते हुए सेल्फ डिसकवरी के एक इमोशनल सफ़र पर निकलते हैं. अलग-अलग चैलेंज के ज़रिए, लड़के ज़िम्मेदारियों को अपनाना और अपनी शर्तों पर सफलता पाना सीखते हैं. हालांकि पहले पार्ट में भी ऐसा ही पैटर्न था, लेकिन ऐसा लगता है कि ऑडियंस ‘वज़ा 2’ से ज़्यादा कनेक्टेड है.
