Crude Oil: कच्चे तेल की कमी से किन बिजनेस पर असर, पेट्रोल-डीजल के अलावा कहां होता है सबसे ज्यादा इस्तेमाल?


Crude Oil: जैसे-जैसे मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें भी बढ़ रही हैं. लेकिन इसका असर सिर्फ फ्यूल पंप तक सीमित नहीं है बल्कि दूर-दूर तक महसूस किया जा रहा है. जहां ज्यादातर लोग कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल से ही जोड़कर देख रहे हैं वहीं असलियत इससे कहीं ज्यादा डरावनी है. दरअसल तेल अनगिनत उद्योगों और रोजगार के उत्पादों में काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. आइए जानते हैं कहां-कहां होता है इसका इस्तेमाल और इस तनाव का असर बाजारों पर कैसे पड़ेगा.

पेंट उद्योग पर लागत का सीधा दबाव

पेंट और कोटिंग्स उद्योग उन क्षेत्रों में से एक है जिन पर इसका सबसे सीधा असर पड़ता है. पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाला आधे से ज्यादा कच्चा माल पेट्रोलियम आधारित होता है. जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, उत्पादन लागत में काफी बढ़ोतरी होती है. इससे कंपनियों को या तो कीमत बढ़ानी पड़ती है या फिर नुकसान उठाना पड़ता है. 

टायर और रबड़ क्षेत्र को भी झटका 

टायर उद्योग सिंथेटिक रबर और कार्बन ब्लैक जैसे पेट्रोलियम उत्पादों पर काफी ज्यादा निर्भर करता है. यह सामान वाहनों के टायर बनाने के लिए जरूरी हैं. जब कच्चा तेल महंगा होता है तो टायरों की कीमतें भी बढ़ना तय होता है. इसका असर ऑटोमोबाइल निर्माता और ग्राहक दोनों पर पड़ता है.

पैकेजिंग उद्योग में बढ़ती लागत 

प्लास्टिक पैकेजिंग का इस्तेमाल खाने-पीने की चीजों से लेकर ई-कॉमर्स डिलीवरी तक हर चीज में होता है. इन्हें पेट्रोकेमिकल उत्पादों से बनाया जाता है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से प्लास्टिक के दाने की लागत बढ़ जाती है.

विमानन उद्योग पर असर 

बढ़ती तेल कीमतों की मार सबसे पहले एयरलाइंस पर पड़ती है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल कच्चे तेल से बनता है. यह एक एयरलाइन की  परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है. 

फार्मास्यूटिकल और चिकित्सा क्षेत्र भी प्रभावित 

यहां तक कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र भी इसे अछूता नहीं है. कई फार्मास्यूटिकल उत्पाद बनाने में पेट्रोकेमिकल आधारित प्लास्टिक और रसायन का इस्तेमाल होता है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत बढ़ सकती है. 

कहां-कहां होता है कच्चे तेल का इस्तेमाल?

ईंधन के अलावा कच्चा तेल कई उद्योगों में एक प्रमुख कच्चा माल है. इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की चीज जैसे कि बोतल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में पाए जाने वाले प्लास्टिक को बनाने में किया जाता है. खेती-बाड़ी में खाद और कीटनाशक बनाने के लिए पेट्रोलियम आधारित रसायन काफी जरूरी होता है. इसी के साथ कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में भी कच्चे तेल से बनी चीजों पर निर्भरता काफी ज्यादा है.

यहां तक कि जो कपड़े हम पहनते हैं वह भी पेट्रोलियम आधारित रेशों से ही बनाए जाते हैं. इसके अलावा इंजन ऑयल और ग्रीस जैसे लुब्रिकेंट, जो मशीनों को सही तरीके से चलने में मदद करते हैं, वे भी कच्चे तेल से ही बनाए जाते हैं.

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