बारामती में विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक एनसीपी की ओर से 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार अपना नामांकन दाखिल करेंगी. विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद इस सीट पर चुनाव कराए जा रहे हैं.
बारामती में उपचुनाव को लेकर NCP की रणनीति
इस चुनाव के मद्देनजर में एनसीपी ने बारामती शहर और तालुका में बैठकों की शुरुआत कर दी है और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है. गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हुए सुनेत्रा पवार को भारी बहुमत से जिताने की रणनीति बनाई जा रही है. साथ ही कार्यकर्ताओं ने यह भी संकल्प लिया है कि उन्हें अजित पवार से भी ज्यादा मतों से विजयी बनाया जाए.
बारामती उपचुनाव में निर्विरोध जीत के लिए NCP की कोशिश!
एक तरफ जहां इस चुनाव को निर्विरोध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार बारामती उपचुनाव के लिए करीब 30 लोगों ने नामांकन फॉर्म लिए हैं. अब इनमें से कितने लोग वास्तव में नामांकन भरेंगे, कितनों के फॉर्म वैध होंगे और कितने लोग नाम वापस लेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
चुनाव से जुड़ी अहम जानकारी
- नामांकन भरने की अंतिम तारीख: 6 अप्रैल
- नाम वापस लेने की अंतिम तारीख: 9 अप्रैल
- मतदान की तारीख: 23 अप्रैल 2026
अब तक 3 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिनमें से सभी बारामती के बाहर के बताए जा रहे हैं.
लक्ष्मण हाके ने क्या कहा?
ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कहा कि वे इस चुनाव को निर्विरोध नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार कौन होगा, यह अगले दो दिनों में तय किया जाएगा. हाके ने शरद पवार पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने ओबीसी समुदाय को टिकट देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव के समय उसे पूरा नहीं किया. साथ ही उन्होंने भाजपा से भी बारामती में उम्मीदवार उतारने की मांग की और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दिवंगत नेता अजित पवार की आलोचना की.
