बीते 48 घंटे से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी सेना की X कोर इकट्ठा नैरेटिव चला रहे हैं कि भारत में फिर से एक आतंकी हमला हो सकता है. इतना ही नहीं, आईएसआई अफवाह फैला रही है कि इसे खुद भारत करवाएगा, जिसमें भारत की जेलों में बंद पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल किया जाएगा. आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की X कोर भारत के खिलाफ ये नैरेटिव सोशल मीडिया, डॉन जैसे अखबारों और जियो न्यूज़ जैसे टीवी चैनलों के ज़रिए चला रही है. यह सब कुछ पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरे होने से पहले पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा है.
एबीपी न्यूज़ के हाथ लगी खुफिया जानकारी के मुताबिक, बीते सोमवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के डायरेक्टर जनरल-मीडिया (DG-M) मेजर जनरल मुहम्मद मुश्ताक अली ने ये प्रोपेगेंडा ड्राफ्ट करके पाकिस्तानी अखबार डॉन और टीवी चैनल जियो न्यूज़ में प्लांट किया था, जिसके बाद जैसे ही डॉन अखबार ने अपनी वेबसाइट पर ISI का ‘फाल्स फ्लैग’ का फर्जी प्रोपेगेंडा छापा, पाकिस्तानी सेना के X कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एमर एहसान नवाज़ और ISPR के डायरेक्टर जनरल-ब्रावो (DG-B) मेजर जनरल जुल्फ़िकार अली भट्टी ने अपनी टीम के ज़रिए सोशल मीडिया पर ये प्रोपेगेंडा फर्जी बॉट अकाउंट्स और एफिलिएटेड हैंडल्स से फैलाना शुरू कर दिया.
पाकिस्तान का फाल्स फ्लैग प्रोपेगेंडा
भारतीय खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, ये पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने ‘फाल्स फ्लैग’ प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू किया है. पिछले साल पहलगाम हमले से ठीक 23 दिन पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने इसी तरह का प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू किया था, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना और हुकूमत ने खुद के द्वारा करवाए गए आतंकी हमले से अपना पल्ला झाड़ने के लिए किया था, लेकिन अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकी जैसे ही जुलाई में मारे गए और तीन में से दो आतंकियों का पाकिस्तानी शिनाख्ती कार्ड (CNIC) सामने आया वैसे ही पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा ध्वस्त हो गया. ऐसे में इस बार पाकिस्तान ने फिर से पुरानी रणनीति का इस्तेमाल नए झूठ के साथ किया है.
जम्मू-कश्मीर में छिपे हैं 40 से ज्यादा आतंकी!
सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक साल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से खुफिया एजेंसियों की पुख्ता इंटेलिजेंस के आधार पर भारतीय सेना 34 पाकिस्तानी आतंकियों को मार चुकी है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का सबसे पुराना ग्रुप भी शामिल है. हालांकि अभी भी जम्मू कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 40 से ज़्यादा आतंकी छिपे हुए हैं. ऐसे में पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों की हर एक हरकत पर भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की नज़र है. साथ ही जिस तरह से बीते 2 महीने में ISI के सेक्टर कमांडर पंजाब ब्रिगेडियर रिजवान शरीफ ने लश्कर और जैश के कमांडरों के साथ मुलाकातें की हैं, इसकी भी भारतीय खुफिया एजेंसी को जानकारी है.
