आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और मशहूर शिक्षाविद अवध ओझा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर प्रतिक्रिया दी है. इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को 2 सलाह भी दे डालीं. अवध ओझा राजनीति से संन्यास ले चुके हैं और वह अपने विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं. वह नेताओं की रणनीति, निर्णय क्षमता और राजनीतिक समझ पर अक्सर बात करते हैं.
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को उनकी राजनीतिक समझ बढ़ाने और सही राजनीतिक गुरु चुनने के लिए कहा. अवध ओझा ने कहा, “क्यों विदेश यात्रा पर जाते हैं मुझे नहीं पता, लेकिन एक राजनेता के रूप में अच्छा विकास किया है. उन्हें दो चीज़ों चाहिए है. पहली, उन्हें एक अच्छा राजनीतिक गुरु चाहिए जो उन्हें राजनीतिक समझ पैदा करने में मदद करे. जब तक उनके अंदर राजनीतिक समझ विकसित नहीं होगी, तब तक वो अपने फैसले खुद नहीं ले पाएंगे. मैं यह नहीं कह रहा कि वो राजनीतिक विज्ञान पढ़ें, लेकिन उन्हें राजनीतिक समझ की आवश्यकता है.”
Delhi: When asked about Lok Sabha Leader of Opposition Rahul Gandhi’s foreign visit, Former AAP leader and Educator Avadh Ojha says, “I don’t know why he is going on a trip abroad, but he has evolved well as a politician. He needs two things. One, he needs a good guru who will… pic.twitter.com/rSNYFgU3nF
— IANS (@ians_india) April 2, 2026
‘शासकों के उदाहरण से सीखेंं राहुल गांधी’
ओझा का मानना है कि राहुल गांधी बेहतर नेता बन रहे हैं और उनमें पहले से काफी सुधार हुआ है. ओझा ने दूसरी सलाह देते हुए कहा कि राहुल गांधी को चंद्रगुप्त मौर्य, समुद्रगुप्त, अलाउद्दीन खिलजी और अकबर जैसे महान शासकों के उदाहरणों से सीख लेनी चाहिए. उन्हें नवरत्नों का कॉन्सेप्ट समझना चाहिए, तो शायद वो राजनीतिक में और सफल हो सकते हैं. बता दें कि राहुल गांधी का विदेश दौरा अक्सर सुर्खियां में रहता है.
राहुल गांधी का विदेशी दौरा चर्चा में क्यों?
बीजेपी अक्सर आरोप लगाती है कि कांग्रेस नेता विदेश दौरे के दौरान विदेशी नेताओं और संगठनों से मिलते हैं, जो देश के हित में नहीं है। अभी हाल ही में लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की यात्राओं पर तीखा हमला बोला था. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जब आरोप लगाया कि स्पीकर ओम बिरला उन्हें बोलने नहीं देते तब शाह ने कहा था कि जब बोलने का मौका आता है तब वो जर्मनी-इंग्लैंड घूमने निकल जाते हैं.
