Beans Farming Tips: किचन गार्डन का शौक रखने वालों के लिए गमले में बेल वाली सब्जियां उगाना एक मजेदार एक्सपीरिएंस हो सकता है और इसमें सेम की फली यानी लिमा बीन्स एक बहुत ही भरोसेमंद और आसान ऑप्शन है. अगर आपके पास बड़ा बगीचा या जमीन नहीं है. तो फिक्र न करें आप अपने घर की बालकनी या छत पर भी ढेर सारी फलियां उगा सकते हैं. बस आपको जरूरत है एक अच्छे ड्रेनेज वाले गमले, दिन भर की कम से कम 6 घंटे की अच्छी धूप और हल्की ऑर्गेनिक मिट्टी की.
सही तरीके से बुवाई से लेकर हार्वेस्टिंग तक का चक्र अगर आप समझ लें. तो घर की बनी ताजी और केमिकल फ्री सब्जी का स्वाद ही कुछ अलग होता है. यह गर्म मौसम की फसल है. इसलिए मार्च-अप्रैल का समय इसकी शुरुआत के लिए एकदम परफेक्ट माना जाता है. बस याद रखें कि मिट्टी का तापमान थोड़ा गर्म हो. तभी बीज अच्छे से अंकुरित हो पाते हैं. जान लें पूरी प्रोसेस क्या होगी.
कैसे करें घर के गमले में बुवाई?
सेम उगाने के लिए गमले का साइज और मिट्टी की क्वालिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है. इन आसान पॉइंट्स से समझें शुरुआत कैसे करें. इसके लिए 12×12 से 24×24 इंच के गमले का चुनाव करें जिसमें कम से कम तीन ड्रेनेज होल हों ताकि पानी जमा न हो सके:
- मिट्टी तैयार करते समय 50% मिट्टी, 30% गोबर खाद और 20% रेत या कोकोपीट का मिक्स बनाएं.
- बीजों को मिट्टी में लगभग 1 इंच गहराई पर लगाएं और पौधों के बीच 4-6 इंच की दूरी रखें.
- गमले को ऐसी जगह सेट करें जहां कम से कम 6 घंटे की भरपूर धूप आती हो.
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पौधों की देखभाल के टिप्स
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए नमी और सुरक्षा का सही बैलेंस होना जरूरी है. इन बातों का ख्याल रखकर आप अपनी फसल बचा सकते हैं. भीषण गर्मी के दौरान पौधों की जड़ों को ठंडा रखने के लिए मिट्टी के ऊपर सूखी घास या पत्तों की मल्चिंग करना एक बहुत ही समझदारी भरा और देसी तरीका है:
- पौधों को हफ्ते में लगभग 1 इंच पानी दें, लेकिन फूल आने पर रोजाना हल्की सिंचाई करें.
- कीड़े दिखने पर नीम के तेल और साबुन के घोल का स्प्रे करें या पानी की तेज बौछार मारें.
- एलियम परिवार के पौधों (जैसे प्याज-लहसुन) से सेम के गमले को थोड़ा दूर ही रखें.
पैदावार बढ़ाने के नुस्खे
सही समय पर फलियां तोड़ना स्वाद और अगली पैदावार दोनों के लिए बहुत जरूरी होता है. यहां जानिए कब और कैसे करें हार्वेस्टिंग. झाड़ीनुमा किस्में 60-80 दिन में और बेल वाली किस्में 90 दिन के आसपास तैयार हो जाती हैं. जिन्हें आप अपनी जरूरत के हिसाब से बालकनी में लगा सकते हैं:
- जब फलियां मोटी दिखने लगें लेकिन छूने में मुलायम हों तब उन्हें तुरंत तोड़ लें.
- जितनी बार आप तैयार फलियां तोड़ेंगे पौधे पर उतने ही नए फूल और फलियां आएंगी.
- नियमित तुड़ाई से उपज का समय बढ़ जाता है और आप लंबे समय तक ताजी सब्जी पा सकते हैं.
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