ईरान से युद्ध करना अमेरिका की आर्थिक और मानवीय स्थिति के लिए सही साबित नहीं हुआ है. यहां कीमतों में तेजी से विस्तार हो रहा है. अबतक अमेरिका इस युद्ध में अरबो डॉलर फूंक चुका है. ईरान के कॉस्ट टिकर ने डेटा जारी करते हुए कहा है कि हमलों के बाद से अमेरिका का अबतक 35 अरब डॉलर खर्च हो चुका है. इसमें करीबन 11.3 डॉलर अरब तो सिर्फ 6 दिनों में खर्च हुए हैं. हर दिन 1 अरब डॉलर खर्च हो रहा है. यानी हर सेंकड में हजारों डॉलर खर्च हो रहे हैं.
सैन्य संपत्तियों को नुकसान, अबतक 2.9 अरब डॉलर नुकसान का अनुमान
इसके अलावा अमेरिका के सैन्य संपत्तियों को भी काफी नुकसान हुआ है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की मानें तो पिछले तीन हफ्तों में नुकसान और मरम्मत का खर्च 1.4 अरब से 2.9 अरब डॉलर होने का अनुमान लगाया गया है. दरअसल, ईरान ने अमेरिका के बुनियादी ढांचे पर अपने सस्ते लड़ाकू ड्रोन से हमला किया है.
100 मिलियन के लड़ाकू विमान फ्रेंडली फायर में तबाह
इसके अलावा अमेरिका के तीन लड़ाकू विमान F-15E जिनकी कीमत ही 100 मिलियन डॉलर है, फ्रेंडली फायर घटना में तबाह हो चुके हैं. वहीं एक F-35A जिसकी कीमत 80 मिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई है, उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराना पड़ी है. एक अन्य KC-135 टैंकर की हवा में एक जानलेवा टक्कर हो गई है.
30 मिलियन डॉलर कीमत के ड्रोन भी हुए नष्ट
इसके अलावा दर्जन से ज्यादा की संख्या में एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भी नष्ट हुए हैं. इनकी कीमत 30 मिलियन डॉलर है. साथ ही कई रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भी नुकसान पहुंचा है. इनकी कीमत करोड़ो डॉलर है. मानवीय नुकसान की बात करें तो अमेरिका के इस हमले में 13 जवान मारे गए हैं. वहीं 200 घायल हुए हैं. 28 फरवरी से चल रहे इस युद्ध की समाप्ति के आसार कम नजर आ रहे हैं. ऐसे में ग्लोबल ऊर्जा मार्केट में हलचल साफ देखी जा सकती है.
