अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. रविवार को फ्लोरिडा के पाम बीच पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो आवास के पास एक नागरिक विमान ने नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया. इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया. फौरन एफ-16 विमानों को तैनात किया गया. इस दौरान ट्रंप वहीं मौजूद थे, उनका प्लेन वाशिंगटन डीसी के लिए उड़ान भरने वाला था. मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के चलते
नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना फ्लोरिडा के पास पाम एयरपोर्ट पर घटी. नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने बताया, रविवार को फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो आवास के पास एक नागरिक विमान ने नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया. जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया.
रोकने के लिए छोड़े गए फ्लेयर्स
NORAD ने एक बयान में कहा कि ‘घटना दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट की है, जब अस्थायी उड़ान प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया.’ बता दें कि नो फ्लाई जोन आमतौर पर तब लागू किया जाता है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति उस क्षेत्र में मौजूद रहते हैं. NORAD ने बताया, ‘उसके विमानों ने नागरिक विमान को रोकने के लिए कई फ्लेयर्स छोड़े. इन फ्लेयर्स का इस्तेमाल पायलट का ध्यान भटकाने या उससे संपर्क करने के लिए किया गया था. इनसे इनसे जमीन पर मौजूद लोगों को कोई खतरा नहीं था.’
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने बताया, ट्रंप के बीते साल अमेरिका के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद इस तरह की कई घटनाएं रिपोर्ट की जा चुकी हैं. हालांकि, इन सभी को बिना किसी खतरे की रिपोर्ट के सुलझा लिया गया. इसके बाद पाम एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य हो गया. सिक्योरिटी स्टाफ ने हेलीकॉप्टर के जरिए एयरस्पेस की जांच भी कराई थी.
व्हाइट हाउस ने दी जानकारी
व्हाइट हाउस और सीक्रेट सर्विस ने इस घटना की पुष्टि की. साथ ही बताया कि इसका कोई भी प्रभाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या उनके विमान पर नहीं पड़ा है. व्हाइट हाउस ने बताया कि एक विमान का संपर्क अचानक एयरपोर्ट के हवाई नियंत्रण टॉवर से टूट गया था. कुछ देर बाद यह दोबारा से स्थापित हो गया. हवाई अड्डे पर किसी भी तरह की कोई ड्रोन गतिविधि नहीं नजर आई.
