Haryana News: ‘जब उसकी ही टीम लोग छोड़ जाएं…’, भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला का बड़ा हमला


हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और खासतौर पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हुड्डा की रणनीति और नेतृत्व दोनों पर सवाल खड़े होते हैं.

दुष्यंत चौटाला ने कहा, “राज्यसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा की एक विफलता यह भी रही कि चारों राज्यसभा चुनावों में, जब उनके बेटे ने चुनाव लड़ा, तब बीजेपी ने उनके खिलाफ उम्मीदवार खड़ा नहीं किया. इसके अलावा, बीजेपी ने एक निर्दलीय उम्मीदवार को भी समर्थन दिया और उसे जीत के अंतिम चरण तक पहुंचाने का काम किया.” उन्होंने इशारों-इशारों में यह जताने की कोशिश की कि राजनीतिक समीकरणों का फायदा कांग्रेस को पहले मिलता रहा, लेकिन फिर भी वह उसे भुना नहीं सकी.

‘इस बार किस्मत साथ थी, वरना हार तय थी’

चौटाला ने आगे कहा, “इस बार भी किस्मत का साथ थी, अगर बीजेपी का यह फैसला रद्द न होता तो कांग्रेस चुनाव हार चुकी होती. और नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जो व्यक्ति दस साल तक मुख्यमंत्री रहा हो, उसके साथ उसकी ही टीम के 9 सदस्य उसे छोड़ दें, इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है.”

Jind, Haryana: Former Haryana Deputy Chief Minister Dushyant Chautala says, ”In the Rajya Sabha elections, there was one setback for Bhupinder Hooda: when his son contested in four Rajya Sabha elections, the BJP did not field a candidate against him. Apart from that, BJP also… pic.twitter.com/X83SDuFAUD

— IANS (@ians_india) March 28, 2026

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संगठन और नेतृत्व पर उठे सवाल

दुष्यंत चौटाला ने अपने बयान के जरिए सीधे तौर पर भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि किसी भी बड़े और अनुभवी नेता की असली ताकत उसकी टीम होती है, लेकिन जब उसी नेता के साथ उसके अपने ही सहयोगी खड़े न रहें और साथ छोड़ दें, तो यह साफ तौर पर नेतृत्व की कमजोरी को दिखाता है. चौटाला के मुताबिक, यह स्थिति बताती है कि संगठन के अंदर भरोसे और एकजुटता की कमी है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरियाणा में आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के बयान अब और तेज हो सकते हैं. राज्यसभा चुनाव का मुद्दा फिलहाल प्रदेश की राजनीति में गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और भी तेज होने की संभावना है.





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