संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान के बेटे कासिम की स्पीच पर भड़का पाकिस्तान, कहा- GSP प्लस दर्जा छीनने की साजिश


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पाकिस्तान की आडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में दिए अपने भाषण से देश में तहलका मचा दिया है. कासिम खान के भाषण से पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार इतनी ज्यादा भड़क गई है कि उसने इस भाषण को देश को नुकसान पहुंचाने की साजिश करार दे दिया है. पाकिस्तान सरकार ने कहा कि कासिम खान अपने भाषण के जरिए देश के जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेस प्लस (GSP Plus) दर्जे को कमजोर करने की कोशिश की है.

पाकिस्तान के केंद्रीय सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार, पंजाब प्रांत की सूचना मंत्री अजमा बुखारी और सिंध के सूचना मंत्री शारजील मेमन ने इमरान खान के बेटे कासिम खान और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की नेता जुल्फी बुखारी की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद पाकिस्तान का जीएसपी प्लस दर्जा छीनना है.

कासिम खान ने UNHRC में दिए संबोधन में क्या कहा?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने बुधवार (25 मार्च, 2026) को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में अपने संबोधन के दौरान अपील की कि UN पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार पर उनके पिता इमरान खान को जेल से तुरंत रिहा करने के लिए दबाव डाले. उन्होंने कहा, ‘हम UNHRC से अनुरोध करते हैं कि वह पाकिस्तान से PTI चीफ इमरान खान के खिलाफ उत्पीड़न को खत्म करने और उन्हें तुरंत जेल से रिहा करने के लिए दबाव डाले और पाकिस्तान सरकार को संयुक्त राष्ट्र वर्किंग-ग्रुप की राय का पालन करते हुए उन्हें (इमरान खान) को रिहा करना चाहिए.

पाकिस्तान के मंत्रियों ने कासिम पर लगाए आरोप

पाकिस्तान के मंत्रियों ने कासिम खान पर आरोप लगाते हुए कहा कि कासिम और उनके सहयोगियों का मकसद पाकिस्तान के जीएसपी प्लस दर्जे को खत्म करना है. ये पाकिस्तान के विरोधी समूह यूरोपियन यूनियन में इजरायली लॉबी और प्रतिबंधित बलुचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) से संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

क्या है पाकिस्तान का जीएसपी प्लस दर्जा?

जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसस प्लस (GSP Plus) एक स्पेशल इंसेंटिव स्कीम है, जो विकासशील देशों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट और गवर्नेंस को बढ़ावा देने के बदले देश के दो-तिहाई निर्यात उत्पादों पर लगने वाले इंपोर्ट टैरिफ में छूट प्रदान करती है. यह दर्जा पाकिस्तान के एक्सपोर्ट और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पाकिस्तान के मंत्रियों को कहना है कि जीएसपी दर्जा मिलने के बाद देश के निर्यात में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.

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