मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को खत्म कराने के लिए एक तरफ कोशिशें चल रही हैं तो वहीं दूसरी ओर दोनों ओर से एक दूसरे के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले भी जारी हैं. अमेरिकी सेना के जमीनी हमलों की खबरों के बीच ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फारस की खाड़ी में जमीनी कार्रवाई और द्वीप कब्जे के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. तेहरान की ओर से साफ कहा गया कि अगर अमेरिकी सेना ने कब्जा करने की कोशिश की तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा.
ट्रंप पर साधा निशाना
ईरान के खातम अल-अनबिया हेडक्वार्टर के प्रवक्ता और ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फाकारी ने इसको लेकर बयान जारी किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर एपस्टीन मामले से जुड़े होने की वजह से इजरायल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद का दबाव होने का आरोप लगाया. उन्होंने ट्रंप को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक ‘मोहरा’ बताया.
क्या बोले ईरानी सैन्य प्रवक्ता?
उन्होंने कहा, ‘इस बात में जरा भी संदेह नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन मामले में अपनी भूमिका के चलते ‘आतंकवादी संगठन’ मोसाद के दबाव में हैं और ईरान के खिलाफ युद्ध में इजरायली प्रधानमंत्री के मोहरे बन गए हैं.’ जोल्फाकारी ने अपने बयान में आगे कहा, ‘दुश्मन देशों की ओर से अगर कोई जमीनी हमला या कब्जा शुरू किया जाता है तो ईरान की सेना अमेरिकी सेनाओं के सफाए के लिए पूरी तरह से तैयार है. अमेरिकी आर्मी के सैनिक और कमांडर फारस की खाड़ी में शार्क के लिए भोजन बन जाएंगे.’
जमीनी हमले की आशंका के बीच ईरान की चेतावनी
ईरानी सैन्य प्रवक्ता की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका की ओर से हफ्तों तक जमीनी अभियान चलाए जाने की योजना बनाने की खबरें सामने आ रही हैं.
वाशिंगटन पोस्ट ने शनिवार को बताया कि मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के पांचवें सप्ताह में पहुंचने के साथ ही पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है, जिसमें खर्ग द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट के पास तटीय स्थल शामिल हैं.
ट्रंप ने नहीं दी मंजूरी
अमेरिकी पोस्ट ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इनमें से किसी भी योजना को मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई भी जमीनी अभियान पूरी तरह से आक्रमण नहीं होगा.
जंग खत्म कराने की कोशिशें
वहीं, जंग को खत्म कराने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पहल की है. तनाव कम करने को लेकर चर्चा करने के लिए सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में एकजुट हो रहे हैं. इस बैठक में शामिल होने के लिए मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती और तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान 29 मार्च को इस्लामाबाद पहुंचे।बता दें, पाकिस्तान में इस बैठक का आयोजन 29 और 30 मार्च को होने जा रहा है.
