मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर पड़ रहा है. एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब दवाओं के दाम में भी भारी इजाफा किया गया है. लोकल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रावलपिंडी में फार्मास्युटिकल हब (दवाओं के प्रमुख केंद्र) बोहोर बाजार में दवाओं की कीमतों में 50 प्रतिशत से लेकर 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है.
पाकिस्तान के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में इंसुलिन इंजेक्शन डिवाइस की कीमत 2200 पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 4720 रुपये हो गई है. इसका असर गरीब तबके पर पड़ रहा है,जो महंगी दवाओं को खरीदने में असमर्थ दिख रहा है.
जीवन रक्षक दवाओं की कीमतें बढ़ीं
रविवार (30 मार्च) की इस रिपोर्ट में कहा गया कि विटामिन बी सप्लीमेंट्स की कीमत 500 से बढ़कर 600 पाकिस्तानी रुपये हो गई है. इसी तरह एसिडिटी की दवा के एक पैकेट की कीमत 530 रुपये से बढ़कर 620 रुपये हो गई है. न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स और विटामिन टैबलेट के एक पैक की कीमत 480 से बढ़कर 510 रुपये हो गई है. थायरॉइड दवा की कीमत 85 पीकेआर से बढ़कर 290 पीकेआर हो गई है. वहीं, टाइफाइड के आम इलाज की कीमत 805 रुपये से बढ़कर 930 हो गई है. कई दूसरी जीवनरक्षक दवाओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं.
एलपीजी की कीमतों में इजाफा
पश्चिम एशिया में चल रही जंग के चलते पाकिस्तान में एलपीजी की औसत कीमत 11.67 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 3150-3,968 से बढ़कर 3900 से 5135 रुपये हो चुकी है. पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स (पीबीएस) की ओर से 26 मार्च को जारी ‘सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स’ (एसपीआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए, पाकिस्तान के एक और जाने-माने अख़बार ‘डॉन’ ने बताया कि कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पंजाब प्रांत के शहरों में दर्ज की गई है.
प्राइवेट वाहनों का बढ़ा किराया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे-जैसे गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, एलपीजी से चलने वाले निजी वाहनों का किराया भी बढ़ गया है. इससे एलपीजी से चलने वाले रिक्शा, बसों और मिनी बसों पर निर्भर कम और मध्यम आय वाले यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. मिडिल ईस्ट जंग के चलते एलपीजी की वैश्विक कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बीच ईरान से होने वाली गैस की सप्लाई में भी कमी आई है. पहले ईरान से रोजाना 10000 से 12000 टन गैस की सप्लाई होती थी, जिसमें अब कमी आई है.
फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एलपीजी पर बनी स्थायी समिति के संयोजक एम. अली हैदर के अनुसार, मार्च महीने में लगभग 20000 टन आयातित एलपीजी लेकर तीन जहाज पाकिस्तान पहुंचे.
