दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एक्शन, रोहित गोदारा- गोल्डी बराड़ गैंग का शूटर गिरफ्तार, पिस्टल कारतूस बरामद


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ वीरेंद्र चरण गैंग के एक शूटर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक उर्फ दिलावर के रूप में हुई है. जो उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का रहने वाला है. पुलिस ने उसके ठिकाने से एक लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. इस मामले में स्पेशल सेल थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

पुलिस के अनुसार रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ वीरेंद्र चरण गैंग पिछले कुछ समय से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी मांग रहा था. दिसंबर 2025 में इस गैंग के सदस्य वीरेंद्र चरण ने दिल्ली के एक ज्वेलर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. 

इस मामले में अमर कॉलोनी थाने में केस दर्ज हुआ था और बाद में जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई थी. जांच के दौरान पुलिस ने रोहित, राहुल, लक्ष्मण, मोहित उर्फ चेरी और पंकज राजपूत नाम के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें पंकज राजपूत पंजाब का कुख्यात अपराधी है, जिस पर 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं.

पंजाब में ट्रैवल कंपनी पर कराई थी फायरिंग

पूछताछ के दौरान पुलिस को एक और बड़ी जानकारी मिली. पता चला कि 2025 में वीरेंद्र चरण ने पंजाब के नकोदर शहर में बक्शी ट्रैवल कंपनी के मालिक मनीष बक्शी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. जब पैसे नहीं मिले तो गैंग ने दबाव बनाने के लिए 13 जनवरी 2026 को ट्रैवल कंपनी के ऑफिस पर फायरिंग करवा दी थी. इस मामले में पंजाब के नकोदर थाने में भी केस दर्ज किया गया था.

ऐसे पकड़ा गया शूटर

जांच के दौरान पुलिस ने फायरिंग करने वाले तीन शूटरों की पहचान की, जिनमें से एक दीपक उर्फ दिलावर था. वारदात के बाद वह फरार हो गया था. स्पेशल सेल ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया और पंजाब व उत्तर प्रदेश में टीम भेजकर जानकारी जुटाई. इसी दौरान पता चला कि आरोपी दिल्ली के सैनिक विहार इलाके में छिपा हुआ है. 23 मार्च 2026 को पुलिस टीम ने सैनिक विहार में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर एक लोडेड पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए.

एन्क्रिप्टेड चैट से मिलते थे आदेश

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गैंगस्टर पंकज राजपूत ने उसे हथियार दिया था और एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म के जरिए उसकी पहचान गैंग लीडर वीरेंद्र चरण से करवाई थी. इसके बाद वीरेंद्र चरण ने ही उसे नकोदर में बक्शी ट्रैवल कंपनी पर फायरिंग करने का आदेश दिया था. आरोपी ने यह भी बताया कि वह गैंग के निर्देश पर दिल्ली में अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था.

दिल्ली पुलिस की आगे की जांच जारी

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से गैंग की गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिली है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है.



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