जिन्हें कभी गेंदबाजी करते नहीं देखा, वो भी IPL में ले चुके हैं विकेट! हैरान कर देगी लिस्ट


इंडियन प्रीमियर लीग में आमतौर पर गेंदबाजी विशेषज्ञ खिलाड़ियों का काम माना जाता है. टी20 फॉर्मेट इतना तेज है कि कप्तान जोखिम लेने से बचते हैं और पार्ट टाइम गेंदबाजों को कम ही मौका मिलता है. हालांकि आईपीएल के इतिहास में कुछ ऐसे बल्लेबाज भी रहे हैं, जिन्होंने बेहद कम गेंदबाजी करने के बावजूद विकेट अपने नाम किए और सभी को चौंका दिया.

शिखर धवन ने भी चटकाए विकेट

शिखर धवन को एक क्लासिक ओपनर के रूप में जाना जाता है, लेकिन उन्होंने आईपीएल में गेंद से भी योगदान दिया है. 2011 और 2012 सीजन में डेक्कन चार्जर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कुल 8 ओवर डाले और 66 रन देकर 4 विकेट अपने नाम दर्ज किए थे. इस दौरान उन्होंने शॉन मार्श जैसे बड़े बल्लेबाज को पवेलियन चलता किया था.

रहाणे का एक ओवर बना यादगार

अजिंक्य रहाणे ने अपने लंबे टी20 करियर में लगभग कभी गेंदबाजी नहीं की. उन्होंने 294 मैचों में सिर्फ एक ओवर डाला और उसी में एक विकेट हासिल कर लिया था. यह कारनामा उन्होंने 2009 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए किया, जब उन्होंने ल्यूक पोमर्सबैक को डगआउट की ओर चलता किया था.

आरोन फिंच का अनोखा रिकॉर्ड

आरोन फिंच , जो आईपीएल में 9 अलग-अलग टीमों की जर्सी में नजर आ चुके हैं, उन्होंने भी एक बार गेंदबाजी में हाथ आजमाया था. 2013 में पुणे वॉरियर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने गेंदबाजी की और एक विकेट झटका था. फिंच को आमतौर पर सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है.

गिलक्रिस्ट का ‘एक गेंद, एक विकेट’ कमाल

एडम गिलक्रिस्ट का नाम इस लिस्ट में सबसे दिलचस्प है. उन्होंने अपने पूरे टी20 करियर में सिर्फ एक गेंद डाली और उसी पर विकेट हासिल कर लिया था. आईपीएल में यह उनका आखिरी मैच भी था, जिसमें उन्होंने हरभजन सिंह का विकेट लिया था. यह रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे आंकड़ों में गिना जाता है.

अब्दुल समद ने भी दिखाया हुनर

अब्दुल समद को आमतौर पर पावर हिटर के रूप में देखा जाता है. 2020 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेब्यू करने वाले समद ने अब तक 60 से ज्यादा मैच खेले हैं और 9 ओवर गेंदबाजी की है. इस दौरान उन्होंने 2 विकेट भी लिए, जो उनके ऑलराउंड स्किल को दिखाता है.

क्यों खास हैं ये खिलाड़ी?

आईपीएल में जहां हर ओवर की कीमत होती है, वहां पार्ट टाइम गेंदबाज का विकेट लेना किसी बोनस से कम नहीं होता है. ये आंकड़े बताते हैं कि क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी सिर्फ एक ही भूमिका तक सीमित नहीं है.

 



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