साल में सिर्फ 1 दिन खुलता है वाराणसी का ये मंदिर, चैत्र नवरात्रों में हर साल बढ़ रही है भक्तों की भीड़


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

हिंदू कैलंडर के नव वर्ष शुरू होते ही देश भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. चैत्र नवरात्र के कारण कई मंदिरों में लोग हर दिन माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है एक ऐसे मंदिर के बारे में जो पूरे साल भर में देवी के दर्शन के लिए सिर्फ एक दिन खुलता है. आइए जानें उस पवित्र स्थल के बारे में.

वैसे तो मंदिरों के शहर वाराणसी में अनेक ऐसे धार्मिक स्थल हैं जिनकी विशेष मान्यता है, लेकिन एक ऐसा भी धर्मस्थल है जहां आम लोग और भक्तों को पूरे साल में सिर्फ एक दिन ही दर्शन-पूजन के लिए अवसर प्राप्त होता है. जी हां, वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी का दर्शन चैत्र नवरात्र के चतुर्थी को ही प्राप्त होता है. सुरक्षा कारणों से हर दिन भक्त वहां दर्शन नहीं कर सकते.

भजन करते भारी संख्या में पहुंचे भक्त

वैसे तो वाराणसी के सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु किसी भी समय दर्शन-पूजन के लिए पहुंच सकते हैं, लेकिन सुरक्षा कारण से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सिर्फ चैत्र नवरात्र के चतुर्थी को अवसर मिलता है. 

इस बार रविवार के दिन भक्तों को यह अवसर प्राप्त हुआ और न सिर्फ हिंदू संगठन बल्कि आम लोग भी भजन गाते, माता का सुमिरन करते पूरे उत्साह के साथ दर्शन करने के लिए पहुंचे. बीते साल की तुलना में इस बार लोगों की अधिक भीड़ देखी गई. विधि-विधान से साधु-संतों द्वारा पूजा किया गया. इसके बाद लोगों ने काशी की समृद्धि और देश की उन्नति के लिए मां श्रृंगार गौरी से प्रार्थना की.

मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए न्यायालय में सुनवाई

वाराणसी के इसी मंदिर में नियमित दर्शन-पूजन के लिए पांच महिला वादिनी की तरफ से अगस्त 2021 में याचिका दाखिल की गई थी, जिसकी सुनवाई जारी है और इससे ही जुड़े हुए करीब आधा दर्जन से अधिक मुकदमे न्यायालय तक पहुंच चुके हैं. फिलहाल इस बार नवरात्रि पर पहुंचने वाले भक्तों की यही कामना थी कि यहां पर उन्हें नियमित दर्शन-पूजन करने का अवसर प्राप्त हो.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *