एअर इंडिया की बड़ी चूक, 13 घंटे की उड़ान के बाद वापस लौटा विमान, जानें क्यों हुआ ऐसा?


दिल्ली से कनाडा जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट को आधे रास्ते से U-turn लेकर वापस दिल्ली लौटना पड़ा. वजह थी एअरलाइन की अपनी ऑपरेशनल चूक जो सैकड़ों यात्रियों की परेशानी और करोड़ों रुपयों की बर्बादी का सबब बन गई. 13 घंटे की उड़ान बेकार हो गई. ईंधन जला, यात्री फंसे रहे और यह सब इसलिए क्योंकि उड़ान से पहले एक बेसिक परमिशन चेक नहीं हुई.

आखिर क्या हुआ? जानें पूरा मामला

19 मार्च 2026 को एअर इंडिया की फ्लाइट AI 185 दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ी. फ्लाइट में Boeing 777-200 LR विमान (VT-AEI) लगाया गया था जो एअर इंडिया का आखिरी 777-200 LR है.

उड़ान के बाद हुआ गलती का एहसास

करीब 4 घंटे बाद ग्राउंड स्टाफ को अचानक खयाल आया कि कनाडा में लैंडिंग की परमिशन Boeing 777-300 ER को है, 777-200 LR को नहीं. यानी फ्लाइट वैंकूवर एअरपोर्ट पर उतर ही नहीं सकती थी. यह चेक उड़ान से पहले होनी चाहिए थी लेकिन हुई नहीं.

पायलट को दिया U-turn का आदेश

गलती समझते ही ग्राउंड स्टाफ ने पायलट को तुरंत वापस मुड़ने का निर्देश दिया. विमान ने U-turn लिया और करीब 9 घंटे की उड़ान के बाद सुरक्षित दिल्ली लैंड किया. फ्लाइट कैंसल होने के बाद एअर इंडिया ने यात्रियों को होटल में ठहराया. 20 मार्च को सही विमान Boeing 777-300 ER से यात्रियों को वैंकूवर भेजा गया. एअरलाइन ने कहा कि फ्लाइट एक ऑपरेशनल वजह से वापस लौटी और यह तय SOP के तहत था. एयरलाइन ने यात्रियों से माफी भी मांगी.

सरकार ने सख्त किए ये नियम 

हाल ही में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र की मोदी सरकार ने एयरलाइंस पर शिकंजा कसते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं. अब यात्रियों को सीट चुनने के नाम पर मनमाना पैसा नहीं देना होगा. मोदी सरकार ने इस पर लगाम लगा दी है. सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि अब हर फ्लाइट में कम से कम 60 फीसदी सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रियों को देनी होंगी.

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