ईरान के खिलाफ ब्रिटेन-फ्रांस-जर्मनी ने उठाया बड़ा कदम, कहा- अगर होर्मुज स्ट्रेट में इस तरह हस्तक्षेप…


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और तनाव के बीच ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने पर यूरोप के कई प्रमुख देशों और जापान ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को एक साझा बयान जारी किया है. इन देशों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले समुद्री जहाजों पर ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों की निंदा की और उसे तुरंत अपनी कार्रवाइयां बंद करने का आह्वान किया.

जापान के साथ ब्रिटेन (UK), फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड्स ने संयुक्त बयान में कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रूप से आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कोशिशों में शामिल होंगे और ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए कदम उठाएंगे.

साझा बयान में यूरोपीय देशों ने क्या कहा?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के ऑफिस से जारी संयुक्त बयान में शामिल सभी देशों के नेताओं ने कहा कि हम ईरान से अपने हमले, धमकियां, माइन्स बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए वाणिज्यिक शिपिंग जहाजों का रास्ता रोकने के सभी कोशिशों को तुरंत बंद करने का अनुरोध करते हैं.

उन्होंने कहा कि खाड़ी में ईरान की ओर से व्यापारिक जहाजों, तेल-गैस ठिकानों और नागरिक ढांचे पर हमला करना बेहद गंभीर है और होर्मुज को बंद करके इंटरनेशनल शिपिंग में इस तरह की दखलअंदाजी और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में दिक्कत पैदा करना अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और पूरी दुनिया के लिए खतरा है. इन देशों ने अपने बयान में ऊर्जा सप्लाई को स्थिर रखने, जरूरत पड़ने पर तेल भंडार जारी करने और प्रभावित देशों की मदद करने की बात भी कही है.

नेविगेशन की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का मूलभूत सिद्धांतः UK

नेताओं ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध के 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है और होर्मुज की खाड़ी फिलहाल प्रभावी रूप से बंद है. नेविगेशन की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है. ईरान की कार्रवाईयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों में महसूस किए जाएंगे, विशेषकर उन सभी लोगों पर जो सबसे कमजोर हैं.

इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की जवाबी कार्रवाइयों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है. इसके साथ ही दोनों पक्षों के हमलों से तेल और गैस सुविधाओं को नुकसान हुआ है, जिससे तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं.

यह भी पढ़ेंः बाल-बाल बचा अमेरिका का F-35 फाइटर जेट, ईरान ने किया था अटैक, कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *