बिहार में आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए एनडीए खेमे में जोरदार तैयारी चल रही है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने दावा किया कि एनडीए की पांचों सीटों पर जीत सुनिश्चित है. उन्होंने कहा, “हम लोगों की जीत सुनिश्चित है. हमने विधायकों के साथ बैठक की है, जिसमें सभी प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए. रणनीति पर चर्चा हुई लेकिन अभी विस्तार से नहीं बता सकते. कल सभी को जानकारी दी जाएगी.”
उन्होंने कहा कि एनडीए की एकजुटता से विपक्ष बौखलाया हुआ है. “विपक्ष कुछ भी कर ले, लेकिन एनडीए चुनाव जीतेगा. 100 प्रतिशत जीत हमारी है.” वहीं, जदयू विधायक मंजीत सिंह ने भी स्पष्ट किया कि पांचों सीटें एनडीए जीतेगा, इसमें कोई दुविधा नहीं. हमारे पास पर्याप्त बहुमत और वोट हैं.
बैठक में मंत्री ने साझा की वोटिंग की रणनीति
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बैठक में वोटिंग की रणनीति पर बात हुई. सभी को मंगलवार सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान सुनिश्चित करना है. एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के यहां भोज का आयोजन है, जहां सभी विधायक जाएंगे. वहीं, जदयू विधायक कोमल सिंह ने कहा कि आज एनडीए विधायकों की बैठक है और उपेंद्र कुशवाहा के घर पर भी अलग से बैठक हो रही है, जहां विषयों पर चर्चा होगी.
पहली बार वोट करने वाले विधायकों पर मैथिली ठाकुर ने दिया जोर
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने पहली बार वोट देने वाले विधायकों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कई नए विधायक हैं, जिन्हें प्रक्रिया समझाई जा रही है. “यह फॉलोअप रूटीन है. दो दिन पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के यहां भी ऐसा हुआ था. हमें सावधानी से वोट देना है ताकि कोई गलती न हो.”
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर बैठक का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “हम सभी जुट रहे हैं और वार्ता होगी. विपक्ष कुछ भी कहे लेकिन हम जानते हैं कि एनडीए सभी पांचों सीटों पर जीतेगा.” वहीं, जदयू विधायक हरि नारायण सिंह और भाजपा विधायक रत्नेश कुशवाहा ने भी एनडीए प्रत्याशियों की जीत का भरोसा जताया.
एनडीए की तरफ से ये मैदान में हैं ये प्रत्याशी
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जहां एनडीए के उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) शामिल हैं. एनडीए के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है लेकिन पांचवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति पर फोकस है. विपक्षी दलों का महागठबंधन भी मैदान में है लेकिन एनडीए नेता एकजुटता और गणित के आधार पर पूर्ण जीत का दावा कर रहे हैं.
