हिजबुल्लाह की ओर से उत्तरी इज़राइल पर भारी रॉकेट हमलों के बाद इजराइल ने लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई चर्चा के बाद सेना को लेबनान में अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. कैट्ज ने बयान में कहा कि हिजबुल्लाह की ओर से किए गए हमलों के जवाब में IDF ने बेरूत के दहिया इलाके सहित लेबनान के कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है. उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लेबनानी सरकार अपने क्षेत्र में हिजबुल्लाह की गतिविधियों को कंट्रोल नहीं कर सकती और उत्तरी इजरायल समुदायों पर हमलों को नहीं रोक सकती है तो इजरायल खुद कार्रवाई करेगा.
हिजबुल्लाह ने बुधवार (11 मार्च 2026) की देर रात उत्तरी इजरायल पर दर्जनों रॉकेट दागे. रॉयटर्स की रिपोर्ट की मुताबिक हमलों में 100 से अधिक रॉकेट दागे गए. इसके जवाब में इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर कई हवाई हमले किए, जिससे भारी तबाही और दहशत का माहौल पैदा हो गया. इजरायल के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने दावा किया कि यह हमला ईरान और हिजबुल्लाह की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा था. उनके अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार दोनों पक्षों ने मिसाइल हमला किया है. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार (12 मार्च 2026) बताया कि बेरूत के रामलेट अल-बैदा समुद्री तट पर इजरायली हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, वहीं लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इजरायली हमलों में अब तक 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 8 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. इजरायली सरकार का कहना है कि वह हर हाल में शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है. रक्षा मंत्री कैट्ज ने आगे कहा कि कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा.
फ्रांस ने की लेबनान की मदद
फ्रांस ने लेबनान में युद्ध से प्रभावित नागरिकों की मदद करने के लिए गुरुवार (12 मार्च 2026) को पेरिस के चार्ल्स डी गॉल हवाई अड्डे से 60 टन दवाइयों और अन्य तरह के राहत सामग्री से भरा विमान बेरूत के लिए रवाना किया. अधिकारियों के अनुसार, इस खेप में दवाइयों के अलावा ग्राउंड मैट, इमरजेंसी मेडिकल किट और छोटे बच्चों का खाना भी शामिल है. फ्रांस के परिवहन मंत्री फिलिप तबारो ने कहा, ‘फिलहाल हमारे पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर हमें उम्मीद है और भरोसा है कि यह विमान जल्द से जल्द बेरूत में सुरक्षित रूप से उतर सकेगा.’
