ईरान की सेना ने गुरुवार को दुनिया के सामने अहम जानकारी दी है. ईरान ने कहा है कि उसके पास सुसाइड ड्रोन बोट्स का एक बड़ा जखीरा है. इन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दुश्मन देशों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक फुटेज भी इसको लेकर जारी किया. इसे एक अंडरग्राउंड परिसर में फिल्माया गया है. अधिकारी इसे मिसाइल शहर बताते हैं.
फुटेज में क्या नजर आ रहा है?
इन तस्वीरों में लंबी सुरंगे हैं. इनमें नौसैनिक ड्रोन, जहाज रोधी मिसाइलें और समुद्र स्थित बारूदी सुरंगे कतार में लगी है. इन फुटेज में कुछ हथियारों को लॉन्च करते हुए दर्शाया गया. हालांकि, इसकी पुष्टी नहीं है कि इन तस्वीरों को कब लॉन्च किया गया था. इस परिसर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर लगी है. इन तस्वीर के नीचे एक ट्रेलर पर नौसैनिक ड्रोन मौजूद है.
Iran published footage of underground tunnels stocked with naval drones, anti-ship missiles, and sea mines. Reuters reported, citing US officials, that Iran has mined the Strait of Hormuz with dozens of sea mines. #Iran pic.twitter.com/Kcwp5UqkXq
— NOELREPORTS 🇪🇺 🇺🇦 (@NOELreports) March 11, 2026
इन नौसैनिक ड्रोनों को मानवरहित सतह वाहन या यूएसवी कहा जाता है. इन्होंने फारस की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमला किया. यह जहाज संकरे रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. ये जहाज या तो पानी की सतह पर या फिर उसके ठीक नीचे चलते हैं. इनमें विस्फोटक सामाग्री है. इनका मकसद टकराने के बाद फट जाना होता है.
1 मार्च को मार्शल आइलैंड्स में रजिस्ट्रेशन एमकेडी वीवायओम नाम के एक कच्चे तेल के टैंकर पर ओमान तट से 44 समुद्री मील की दूरी पर हमला हुआ. ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि एक मानवरहित सतह वाहन ने जहाज पर पानी की सतह से ठीक ऊपर हमला किया. इससे इंजन रूम में धमाका हुआ. इसके बाद आग लग गई. इस घटना में चालक दल का एक सदस्य मारा गया.
इसके कुछ दिनों बाद बहामास का झंडा लगे कच्चे तेल के टैंकर सोनंगोल नामीबे पर हमला हुआ. जब वह ईराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास लंगर डाले खड़ा था. जहाज के संचालक का कहना है कि चालक दल के सभी 23 सदस्य सुरक्षित हैं.
समुद्री अधिकारियों ने क्या जानकारी दी?
समुद्री अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी इलाके में तेल टैंकरों पर कम से कम दो हमलों में नौसैनिक ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया. यह पूरा घटनाक्रम यूक्रेन द्वारा रूसी सेनाओं के खिलाफ और ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों की तरफ से लाल सागर में जहाजों पर किए हमलों की तरह ही है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई रोकने की धमकी दी है. यह दुनिया का पांचवा तेल आपूर्ति करने वाला इलाका है.
