बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन, केवल एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि वो एक इंस्पिरेशन भी हैं. वो पहली भारतीय महिला हैं जिन्होंने मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम किया था. सुष्मिता ने अपनी पर्सनल लाइफ में भी ऐसे फैसले लिए हैं जो हर औरत या लड़की के लिए इंस्पिरेशन है. एक्ट्रेस अपनी बातों के जरिए भी हर महिला के सम्मान और उसे सक्षम करने के बारे में बात करती हं. सुष्मिता बताती हैं कि कोई भी औरत किसी से कम नहीं है, वो जो चाहे खुद कर सकती है. उसे आगे बढ़ने के लिए, कुछ खरीदने के लिए या कोई भी फैसला लेने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है.
यहां हम आपको सुष्मिता सेन के ऐसे पांच स्टेटमेंट्स बताएंगे, जिन्हें सुनकर हर किसी को वुमन एम्पावरमेंट (महिला सशक्तिकरण) का असली मतलब पता चलता है.
खुद से प्यार करें
सुष्मिता सेन हमेशा हर महिला को सेल्फ लव के लिए इनकरेज करती हैं. एक्ट्रेस का कहना है कि हर महिला को अपने वास्तविक रूप को अपनाना चाहिए. वो जैसी हैं उन्हें वैसे ही रहना चाहिए और उसी तरह खुद को एक्सेप्ट करना चाहिए. खासतौर से सामाजिक मानकों जैसे मोटी, पतली, काली, सांवली जैसे मानकों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश नहीं करना चाहिए. खुद से प्यार करें और खुद को एक्सेप्ट करें चाहे फिर दुनिया कुछ भी कहे.
फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट होना है जरूरी
सुष्मिता सोशल मीडिया के जरिए भी अपने फैंस को मोटिवेट करती हैं. बीते साल उन्होंने सोशल मीडिया पर महिला दिवस के मौके पर पोस्ट शेयर किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि हर महिला को फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होना चाहिए. उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा था, ‘मैं हम सभी के लिए एक खूबसूरत जिंदगी जीने के साहस, आर्थिक आजादी, बहुत सारा ट्रैवल, खुद के साथ भोजन का लुत्फ उठा पाने के आत्मविश्वास और निडर होकर ‘ना’ कह पाने की हिम्मत की कामना करती हूं. अपने इस पोस्ट के अलावा अपने कई इंटरव्यूज में भी एक्ट्रेस ने महिलाओं के आर्थिक रूप से इंडिपेंडेंट होने पर जोर दिया है.
खुद को सशक्त दिखाने की लड़ाई है बेकार
कुछ साल पहले न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सुष्मिता सेन ने बताया महिला सशक्तिकरण के बारे में कहा था कि वो कभी भी इसके लिए लड़ाई करेन पर विश्वास नहीं रखती हैं. एक्ट्रेस का मानना है कि इस बारे में बात करने से या लड़ाई करने से हम खुद को कमजोर दिखाते हैं. उनका कहना है कि खुद को सशक्त दिखाने की लड़ाई हमें करना ही नहीं चाहिए.
हम डायमंड खुद खरीद सकते हैं
सुष्मिता सेन ने आत्मनिर्भरता कका हमेशा से ही संदेश दिया है. उन्होंने खुद को कई सालों पहले 22 कैरेट की डायमंड की अंगूठी गिफ्ट में दी थी. उनका मानना है कि महिलाओं को अपने हीरे खुद ही खरीदने चाहिए. इससे आपको आत्मनिर्भरता का एहसास होता है. अक्सर हमें उम्मीद होती है कि हमारा पार्टनर हमें डायमंड रिंग देगा, लेकिन ऐसा क्यों? हम खुद से प्यार कर सकते हैं खुद को तोहफे में रिंग भी दे सकते हैं.
‘महिला होने का सार’
साल 1994 में जब सुष्मिता सेन ने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था तब उनसे महिला होने का सार पूछा गया था. तो उन्होंने इसके जवाब में कहा था कि एक महिला होना ईश्वर का दिया सबसे सुंदर तोहफा है जिसकी हम सभी को सराहना करनी चाहिए. बच्चे का जन्म उसकी मां से होता है, और एक महिला ही होती है जो हर पुरुष को समझाती है कि शेयर करना क्या होता है, देखभाल करना और प्यार करना क्या होता है’. सुष्मिता हमेशा ही अपनी बातों से अन्य महिलाओं के सशक्त होने की बात करती हैं.
