न्यूजीलैंड को हराकर भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 विश्वकप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. टीम इंडिया इकलौती टीम बनी है, जिसने बैक टू बैक दो बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है. देश में एकतरफ भारत की इस धमाकेदार जीत पर जश्न मनाया जा रहा है तो वहीं पूर्व क्रिकेटर और नेता कीर्ति आजाद के एक सोशल मीडिया पोस्ट से बवाल खड़ा हो गया. आजाद ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह और टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव को आड़े हाथ लिया है.
दरअसल, वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे थे. जहां सूर्या आईसीसी टी20 वर्ल्डकप ट्रॉफी लिए दर्शन करने आते हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस पर कीर्ति आजाद ने निशाना साधा है.
क्या बोले कीर्ति आजाद?
कीर्ति आजाद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, टीम इंडिया पर शर्म आती है! जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे. हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लेकर आए थे. भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है – सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं! सिराज ने कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू ने कभी इसे चर्च में नहीं ले गए. संजू ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी और वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे. यह ट्रॉफी हर धर्म के 14 लाख भारतीयों की है – किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं!’
SHAME ON TEAM INDIA! 😡
When we won the World Cup under Kapil Dev in 1983, we had Hindu Muslim Sikh and Christian in the team.
We brought the trophy to our religious birth place our motherland India Bharat Hindustan
Why The Hell Is The Indian Cricket Trophy is being Dragged.…
— Kirti Azad (@KirtiAzaad) March 9, 2026
कौन है क्रीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद क्रिकेटर से राजनेता बने हैं. मौजूद समय में वह तृणमूल कांग्रेस के नेता हैं. इससे पहले वह बीजेपी और कांग्रेस में भी रह चुके हैं. साल 1990 में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहकर राजनीतिक पारी का आगाज किया था. बीजेपी से वह 1993 से 1998 तक दिल्ली की गोल मार्केट विधानसभा सीट से वह विधायक रहे. 1999 में उनको दरभंगा से बीजेपी ने लोकसभा का टिकट दिया था. जहां उन्होंने जीत दर्ज की. 2009 और 2014 में भी उन्होंने परचम लहराया.
DDCA) में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने और दिवंगत नेता अरुण जेटली पर आरोप लगाने के चलते उनको पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने 2019 में कांग्रेस का हाथ थाम लिया. धनबाद से कांग्रेस से चुनाव लड़े लेकिन हार गए. कांग्रेस के बाद वह टीएमसी में शामिल हो गए.
क्रिकेट करियर की बात की जाए तो आजाद दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर रहे. भारत के लिए उन्होंने 25 वनडे मैच खेले. इसके अलावा टेस्ट मैच भी खेला. उन्होंने 1980-81 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे में वेलिंगटन में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम में कीर्ति आजाद भी शामिल थे. कीर्ति आजाद के दो बेटे भी क्रिकेटर हैं.
