मिडिल ईस्ट में जंग के बीच भारत में कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG का स्टॉक? सरकार ने बताया


मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया. कच्चे तेल की कीमतें 66 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 100 डॉलर तक पहुंच गई हैं, वहीं लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की दरें भी दोगुनी से अधिक होकर 24-25 डॉलर प्रति ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो गई हैं. फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना नहीं है.

भारत में कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल का स्टॉक?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत के पास अभी 25 दिनों का क्रूड और 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं. एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा. G7 की तरफ से जैसे ही इस तरह का संकेत मिला कि वह स्टॉक रिलीज कर सकते हैं उसी के चलते क्रूड ऑयल की कीमत जो सुबह अचानक आसमान छूने लगी थी वह शाम होते-होते थोड़ी कम हो गई. 

क्रूड ऑयल की कीमत में उछाल

मौजूदा हालात को देखते हुए क्रूड ऑयल की कीमत $100 के करीब बने रहने की संभावना है. अगर किसी कारण इसमें बढ़ोतरी होती है तो कीमत 125-130 डॉलर तक जा सकती है, लेकिन फिर गिरकर $100 के आसपास पहुंच सकती है. भारत में 40 फीसदी फ्यूल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है जबकि 60 फीसदी अलग-अलग रास्तों के जरिए पहुंचता है. फिलहाल हमारे पास दूसरे रास्तों से भी फ्यूल आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक अभी एविएशन इंडस्ट्री को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया है कि वह समुद्री परिवहन में पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल को खरीदकर उसे भारतीय रिफाइनरियों की ओर मोड़ दे, ताकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आपूर्ति में संभावित कमी और कीमतों में उछाल की आशंकाओं को कम किया जा सके. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि यह कदम बाजार को स्थिर रखने के लिए एक अल्पकालिक और व्यावहारिक प्रयास है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *