पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू के कार्यक्रम को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है. मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल के तहत जो व्यवस्थाएं की जानी चाहिए थीं, उनके बारे में पूरा विवरण दिया जाए.
सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी को आज शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है. इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य सरकार की ओर से नियमों के मुताबिक क्या-क्या इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने किस तरह की तैयारी की थी.दरअसल हाल के दिनों में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद सामने आया है. राज्य सरकार की ओर से भी कुछ आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगने का फैसला किया है.
राष्ट्रपति की यात्रा का प्रोटोकॉल
गृह मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रपति की यात्रा और उनके कार्यक्रम के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है. इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कौन-कौन से कदम उठाए गए थे. अब इस मामले में पश्चिम बंगाल के प्रशासन की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट के बाद आगे की स्थिति साफ हो सकती है. केंद्र सरकार रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की समीक्षा कर सकती है.
भारत के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल
भारत में भारत के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान बहुत सख्त प्रोटोकॉल लागू किया जाता है. यह प्रोटोकॉल उनकी सुरक्षा, पद की गरिमा और कार्यक्रम के सुचारू संचालन को ध्यान में रखकर तय किया जाता है. इसमें कई महत्वपूर्ण नियम और व्यवस्थाएं शामिल होती हैं जिनका पालन स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को करना अनिवार्य होता है. राष्ट्रपति की यात्रा का कार्यक्रम पहले से ही मिनट-टू-मिनट तय किया जाता है. इसे पहले से तैयार कर स्वीकृति दी जाती है और उसी के अनुसार पूरा कार्यक्रम चलता है. सामान्य परिस्थितियों में इसमें अचानक कोई बदलाव नहीं किया जाता और न ही कोई नया कार्यक्रम जोड़ा जाता है.
