UP Politics: ‘सोच रहे ढूंढें अब नया ठिकाना…’ मनोज तिवारी के जवाब में अब अखिलेश यादव ने जारी किया Holi पर गाना


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने होली से पहले भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी पर तीखा पलटवार किया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने एक गाना साझा किया है जो होली के संदर्भ में है और उसमें मनोज तिवारी को निशाना बनाया गया है.

कन्नौज सांसद ने 1 मिनट 14 सेकेंड का जो गाना शेयर किया है उसमें मनोज तिवारी का मुखौटा पहने एक शख्स घूमता हुआ देखा जा सकता है. गाने के आखिरी में सपा चीफ ने लिखा है- पुराना हमजोली है, बुरा न मानो होली है!

अखिलेश ने जो गाना पोस्ट किया है, उसमें लिखा है-

बिन बैटरी के रिमोट हो गये
सीएम न बने डिमोट हो गये
अच्छे थे पहले – अब खोट हो गये
सूखी नदिया की – बोट हो गये

अब न गायक रहे, न नायक रहे
अब किसी काम के न लायक रहे
अब घर के रहे न, न रहे घाट के
लोग गुजर गये इन्हें पाट के
तत्काल के चक्कर में वेटिंग गई 
पार्टी के अंदर भी रेटिंग गई

अब बनाके गाना, कमाए रहे खाना
सोच रहे ढूँढें अब नया ठिकाना
सोच रहे ढूँढें अब नया ठिकाना.

बता दें सपा चीफ ने मनोज तिवारी के गाने पर उठे सवाल के बाद कहा था- होली का त्योहार है और इसे सकारात्मक भाव से ही लेना चाहिए. हमारी हिंदू और सनातन परंपरा में भी कहा गया है- ‘बुरा न मानो, होली है.’ अभी तो होली की शुरुआत हुई है. उधर से होली खेली गई, हमें अच्छा लगा कि उनके भीतर कुछ समाजवादी रंग अभी बाकी हैं, इसलिए उन्होंने हमें भी अपने गाने में शामिल कर लिया. अब शुरुआत हो चुकी है. आगे समाजवादियों के रंग और गाने भी सामने आएंगे, तो उस पर वे लोग बुरा न मानें.

क्या बोले थे सांसद मनोज तिवारी?

वहीं बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि यह सच है कि ‘बुरा न मानो, होली है’ सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि हमारी परंपरा की भावना है. होली में किसी बात को दिल पर नहीं लेना चाहिए. राजनीति आज सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है, इसलिए होली में उसका जिक्र होना कोई नई बात नहीं है. हां, बीच में दो-तीन साल का अंतर जरूर रहा, लेकिन पहले भी जब मैं होली के गीत गाता था तो राजनीतिक रंग उसमें स्वाभाविक रूप से आ ही जाता था.

एबीपी न्यूज़ से बातचीत में तिवारी ने कहा था- होली तो हंसी-मजाक और चुहल का त्योहार है-कभी भाभी से, कभी उनकी बहन से, कभी बुजुर्गों से. उसी तरह कुछ चर्चित नेताओं को लेकर भी ‘बुरा न मानो, होली है” के अंदाज में बातें कही जाती हैं. मैंने भी अपने गीत में राहुल गांधी जी और अखिलेश जी का जिक्र किया. आज मैं खास तौर पर अखिलेश जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इसे खेल भावना से लिया और बहुत सकारात्मक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर हम भी होली के रंग में कुछ कहें तो बुरा मत मानिए.

सांसद ने कहा था मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि होली में कोई कुछ भी कह दे, हम बुरा नहीं मानते. यही तो हमारे देश की खूबसूरत परंपरा है-हंसी, रंग और अपनापन. और जैसा मैंने अपने गीत में भी कहा है, ‘बुरा न मानो, होली है.”





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