पाकिस्तान में रविवार को ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई और वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चरम पर है. अब कराची के शाह ए फैसल इलाके में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पाकिस्तानी पुलिस और अर्धसैनिक बल ने गोलियां चलाई है. यह सभी शिया समुदाय के प्रदर्शनकारी हैं. यह अमेरिका के विरोध को लेकर इकट्ठा हुए थे. पुलिस और अर्धसैनिक बल की कार्रवाई में सोमवार को 3 लोगों की मौत हुई है. वहीं, मरने वालों में एक महिला भी शामिल है.
अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई पर कराची में प्रदर्शन जोरों पर
इससे पहले रविवार को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया. इस दौरान हुई हिंसा में करीब 9 लोगों की जान चली गई थी. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि प्रदर्शनकारी लाठियों और डंडो के साथ वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे थे. साथ ही वह बिल्डिंग की खिड़कियों को भी तोड़ते हुए नजर आ रहे थे.
AP न्यूज एजेंसी को एक पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी ने बताया था कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मी और अर्धसैनिक बलों ने लाठियां और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस झड़प में 9 लोगों की मौत हुई. 30 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे.
अमेरिका की कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन
अधिकारियों ने बताया कि ईरान पर अमेरिकी और इजरायल की कार्रवाई के बाद कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जोरों पर है. ऐसे में वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन ने हिंसक रवैया अपना लिया. भीड़ ने राजनयिक परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की थी. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. प्रदर्शनकारियों की तरफ से बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाने की घटना भी रिपोर्ट सामने आई है.
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