एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ प्रिवेंटिव मिसाइल हमला करने पर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री का एयरक्राफ्ट हवा में होता और ऐसा हमला होता तो कौन जिम्मेदार होता?
प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि क्या नेतन्याहू ने उन्हें बताया था कि इजराइल ईरान पर हमला करने वाला है? अगर उन्होंने ऐसा किया था तो प्रधानमंत्री को तुरंत अपना दौरा खत्म करके देश लौट जाना चाहिए था. अगर इजरायल ने हमें यह नहीं बताया कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर रहा है, तो इजरायल ने हमें धोखा दिया है.
इस हमले से भारत को क्या हासिल हो रहा?: ओवैसी
उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने और गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए नरसंहार को छिपाने के लिए किया है. इससे यह संदेश जाएगा कि भारत इजरायल के साथ है, ईरान के साथ नहीं. इस हमले से भारत को क्या हासिल हो रहा है?
80 साल की तटस्थ रहने की विरासत को क्या हुआ?: ओवैसी
10 मिलियन भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में रहते हैं. उन देशों के आम नागरिकों को इससे क्या संदेश जाएगा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा खत्म होते ही इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया? बहरीन और कतर पर हमला हो गया, और सऊदी अरब पर भी हमला हो सकता है. हम हमेशा तटस्थ रहे हैं. देश के प्रधानमंत्री, भाजपा को समझना चाहिए कि इस मामले में हमारी 80 साल की तटस्थ रहने की विरासत का क्या हुआ? बहुत गलत संदेश गया है.
इजरायल ने दुनिया से भारत को लेकर किया धोखा: ओवैसी
ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब प्रधानमंत्री और भाजपा को देना चाहिए. इजरायल ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का इस्तेमाल हमला करने और दुनिया को यह बताने के लिए किया कि भारत उनके साथ है. यह धोखा है. हम प्रधानमंत्री और भाजपा से पूछते हैं कि क्या नेतन्याहू ने उन्हें यह बताया था? ईरान में जो 50,000 और इज़राइल में जो 10,000 भारतीय नागरिक हैं उन्हें वापस लाया जाए.
