उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आ रही है. पुलिस ने बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों से 10 करोड़ से ज्यादा का कैश बरामद किया है. वहीं उमाशंकर सिंह के करीबियों के यहां कार्रवाई अभी भी जारी है. उमाशंकर सिंह की तबीयत को देखते हुए आवास पर कार्रवाई पहले ही दिन खत्म हो गई थी.
जानकरी के मुताबिक उमाशंकर सिंह की कंपनी छात्र शक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के ऑफिस से सबसे ज्यादा कैश बरामद हुआ है. उमाशंकर के करीबियों के यहां से भी बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इस बीच बलिया, मिर्जापुर और सोनभद्र के खनन कारोबारियों से भी पूछताछ की जा रही है.
दस्तावेजों में हेरफेर के सुराग
उमाशंकर सिंह का खनन और सड़क निर्माण के सरकारी ठेकों में बड़ा दखल है. सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों में वित्तीय हेरफेर के भी सुराग मिले हैं. आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित आवासों पर बुधवार को छापेमारी की.
हालांकि, बुधवार की दोपहर तक छापेमारी के कारणों या उसके परिणाम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. सिंह (55) बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह तीन बार के विधायक हैं और इससे पहले निर्माण व्यवसाय से जुड़े थे.
कई दिन से बीमार हैं उमाशंकर सिंह
बसपा विधायक उमाशंकर काफी समय से बीमार हैं. कई महीने पहले बसपा प्रमुख मायावती भी राजधानी स्थित उनके घर पर उनका हाल चाल लेने गईं थीं. इस छापेमारी को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह जबसे पार्टी में आए हैं. उन्होंने पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाई है.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी गलत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है. हम कोई इस विभाग के कार्य में दखल नहीं दे रहे हैं, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गई है, वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के खिलाफ है.