डोटासरा vs किरोड़ी: सदन मे बोले किरोड़ी लाल मीणा- ‘संघ की शाखा में हमने रानी लक्ष्मीबाई का दूध पिया है’


राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंचायतीराज विभाग की अनुदान मांगों पर हो रही चर्चा के बीच जबरदस्त नोकझोंक देखने को मिली. इस दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायतीराज में गलत परिसीमन को लेकर मुद्दा उठाया.

साथ ही, उन्होंने ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ को लेकर भी सवाल खड़े किए. चर्चा के दौरान जब गोविंद डोटासरा ने पूछा, “किरोड़ी जी शाखा में किसका दूध पिलाते हैं?” तो जवाब में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा-‘रानी लक्ष्मीबाई’

इसपर डोटासरा बोले, “किरोड़ी लाल मीणा साधु हैं. आप चिंता मत करना, आपने जो किया वह पाओगे लेकिन मैं आपके साथ हूं.” गोविंद सिंह डोटासरा मदन दिलावर पर चुटकी लेते हुए बोले.

‘हमें संघ में राष्ट्रभक्ति सिखाई जाती थी’- किरोड़ी लाल 

इस बीच किरोड़ी लाल मीणा खड़े होकर बोले, “आप कुछ भी बोलने के लिए अधिकृत हों, लेकिन हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में राष्ट्रभक्ति सीखी है. हमारा काम राष्ट्र की सेवा करना और इसे मजबूत करना है. हम पद के पीछे नहीं भागते.” किरोड़ी लाल ने आगे कहा, “हम वहां गीत गाया करते थे. पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है सिंहासन, चलते जाना सर्व समाज को लिए साथ है, आगे है बढ़ते जान.”

‘चंद्रशेखर-भगत सिंह का दूध पिलाया जाता था’- किरोड़ी लाल मीणा

गोविंद सिंह डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा से पूछा, ” जब आप शाखा में जाते थे, तो वहां भैंस का दूध पिलाया जाता था या गाय का दूध?” किरोड़ी लाल मीणा बोले- वहां पर दूध पिलाया जाता है रानी लक्ष्मी बाई का. इसपर गोविंद डोटासरा बोले- ‘बात जमी नहीं.’

फिर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- वहां पर दूध पिलाया जाता है तेजाजी का, चंद्रशेखर का, भगत सिंह का सुखदेव का, राजगुरु का, तिलक का, सरदार पटेल का.

गाय और भैंस के दूध पर वाद-विवाद

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- वह तो हमारे लोक देवता हैं. हम भी पूजा करते हैं, लेकिन पहले यह टेस्ट करो कि हमारे पंचायती राज और शिक्षा मंत्री गाय का दूध पीकर बड़े हुए हैं या भैंस का दूध पीकर? इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने ऐतराज जताया और कहा कि यह कौन सी डिबेट का हिस्सा है? यह कुछ भी बोलते जा रहे हैं और सभापति अनुमति दे रहे हैं. 

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम मोदी और अमित शाह भी लेते हैं. आप उनको आदर्श मानते हो. आपने बजट का प्रावधान 2025-26 में रखा 500 करोड़ रुपये और इस उत्थान योजना में खर्चा जीरो रुपया हुआ. आपने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम बदनाम क्यों किया?

मुख्यमंत्री थार क्षेत्र योजना, मुख्यमंत्री भी वहां तक जाके आए. 2025-26 में 150 करोड़ का बजट प्रावधान था और खर्चा 12.67 करोड़ रुपये हुआ. 

परिसीमन को लेकर भी बोले डोटासरा

सदन में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पंचायतीराज के नाम पर प्रदेश में गलत परिसीमन किया गया. ग्राम पंचायतों के नाम और मुख्यालय बिना आधार बदले गए वार्डों की आबादी में भारी असमानता बनाई गई.

‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का वादा सरकार पूरा नहीं कर पाई

डोटासरा ने आगे सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “सरकार कोर्ट में खुद को चुनाव कराने में अक्षम बता रही. अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन और DPC तक नहीं हो पा रही. 15वें वित्त आयोग की योजनाएं ऑनलाइन शुरू नहीं हो सकीं. चुने हुए जनप्रतिनिधियों को हटाने का आरोप लगाया. अधिकारियों पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगा. पंचायतीराज व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया. जनता सरकार को जवाब देगी, “पब्लिक सब जानती है.”



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